• पुरु॑ष ए॒वेदꣳ सर्वं॒ यद्भू॒तं यच्च॒ भा॒व्य॑म्। उ॒तामृ॑त॒त्वस्येशा॑नो॒ यदन्ने॑नाति॒रोह॑ति॥
  • ए॒तावा॑नस्य महि॒मातो॒ ज्यायाꣳ॑श्च॒ पूरु॑षः। पादो॑ऽस्य॒ विश्वा॑ भू॒तानि॑ त्रि॒पाद॑स्या॒मृतं॑ दि॒वि॥
  • त्रि॒पादू॒र्ध्व उदै॒त्पुरु॑षः॒ पादो॑ऽस्ये॒हाभ॑व॒त्पुनः॑। ततो॑ वि॒ष्वङ्व्य॑क्रामत्साशनानश॒ने अ॒भि॥
  • ततो॑ वि॒राडजायत वि॒राजो॒ अधि॒ पूरु॑षः। स जा॒तो अत्य॑रिच्यत प॒श्चाद्भूमि॒मथो॑ पु॒रः॥
  • तस्मा॑द्य॒ज्ञात्स॑र्व॒हुतः॒ सम्भृ॑तं पृषदा॒ज्यम्। प॒शूꣳस्ताꣳश्च॑क्रे वाय॒व्या॑नार॒ण्या ग्राम्या॑श्च॒ ये॥
  • तस्मा॑द्य॒ज्ञात्स॑र्व॒हुत॑ ऋ॒चः सामा॑नि जज्ञिरे। छन्दाꣳ॑सि जज्ञिरे॒ तस्मा॒द्यजु॒स्तस्मा॑दजायत॥
॥ श्रीमते रामनुजाय नमः ॥

अंग्रेज़ी विभाग

वैदिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक युग की आवश्यकताओं को पूर्ण करने हेतु अंग्रेज़ी भाषा का व्यवस्थित शिक्षण भी हमारे विद्यालय के पाठ्यक्रम का अभिन्न हिस्सा है, जिससे विद्यार्थी परंपरा एवं आधुनिकता दोनों में सक्षम बन सकें।

विभागीय शिक्षक

श्रीमती अंजलि वर्मा

श्रीमती अंजलि वर्मा

विभागाध्यक्ष – अंग्रेज़ी विभाग
विशेषज्ञता: अंग्रेज़ी व्याकरण एवं संप्रेषण कौशल
एम.ए. (अंग्रेज़ी), बी.एड.
10+ वर्ष का अनुभव
श्री अभिनव सक्सेना

श्री अभिनव सक्सेना

सहायक शिक्षक – अंग्रेज़ी विभाग
विशेषज्ञता: पठन-लेखन कौशल एवं व्यावहारिक अंग्रेज़ी
एम.ए. (अंग्रेज़ी साहित्य)
6+ वर्ष का अनुभव

शिक्षण की मुख्य विशेषताएँ

आधारभूत व्याकरण एवं शब्दावली

विद्यार्थियों को अंग्रेज़ी वर्णमाला, मूल व्याकरण नियम (काल, वाक्य संरचना, संज्ञा-सर्वनाम) एवं दैनिक उपयोग की शब्दावली का व्यवस्थित एवं क्रमिक अभ्यास कराया जाता है।

मौखिक संप्रेषण एवं वार्तालाप

आत्मविश्वास के साथ अंग्रेज़ी में बातचीत करने की क्षमता विकसित करने हेतु नियमित वार्तालाप अभ्यास, समूह चर्चा एवं भाषण गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं।

पठन एवं लेखन कौशल

गद्य, पद्य एवं सामान्य ज्ञान से संबंधित पाठों के माध्यम से पठन कौशल तथा निबंध, पत्र-लेखन एवं संक्षेपण के अभ्यास से लेखन कौशल विकसित किया जाता है।

व्यावहारिक अंग्रेज़ी ज्ञान

आधुनिक युग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को साक्षात्कार, प्रतियोगी परीक्षाओं एवं सामान्य जीवन में उपयोगी व्यावहारिक अंग्रेज़ी भाषा कौशल सिखाया जाता है।

वर्ष-वार अध्ययन क्रम

प्रथम – द्वितीय वर्षअंग्रेज़ी वर्णमाला, मूल शब्दावली, सरल वाक्य रचना, स्वयं का एवं परिवार का परिचय अंग्रेज़ी में देना
तृतीय – चतुर्थ वर्षकाल (Tenses) का विस्तृत अध्ययन, छोटी कहानियाँ एवं गद्यांश पठन, सरल निबंध एवं पत्र-लेखन अभ्यास
पंचम वर्षव्याकरण का सुदृढ़ीकरण, समूह चर्चा एवं वाद-विवाद अभ्यास, वेद भूषण मूल्यांकन परीक्षा हेतु तैयारी
षष्ठम – सप्तम वर्ष (वेद विभूषण)उच्चस्तरीय पठन-लेखन कौशल, साक्षात्कार एवं सार्वजनिक भाषण अभ्यास, सामान्य ज्ञान एवं समसामयिक विषयों पर अंग्रेज़ी में संप्रेषण क्षमता का विकास

कृपया ध्यान दें: अंग्रेज़ी विषय की कक्षाएँ वैदिक अध्ययन के साथ निर्धारित समय-सारणी के अनुसार नियमित रूप से संचालित की जाती हैं, ताकि विद्यार्थी वैदिक ज्ञान के साथ-साथ आधुनिक भाषा-कौशल में भी दक्ष बनें। विस्तृत जानकारी हेतु पाठ्यक्रम विवरणिका पृष्ठ देखें।

"विद्या ददाति विनयं" — शिक्षा चाहे प्राचीन हो अथवा आधुनिक, उसका उद्देश्य विनम्रता एवं सक्षमता प्रदान करना है।