हमारे विद्यालय को समय-समय पर देश के प्रतिष्ठित वैदिक विद्वानों, शोधकर्ताओं एवं मनीषियों का मार्गदर्शन एवं सान्निध्य प्राप्त होता रहा है, जिनके ज्ञान से विद्यालय की वैदिक शिक्षा परंपरा और अधिक समृद्ध हुई है।
विद्वान
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विद्वान"स्वाध्यायान्मा प्रमदः" — स्वाध्याय (वेद अध्ययन) से कभी प्रमाद न करें।
– तैत्तिरीय उपनिषद्