• पुरु॑ष ए॒वेदꣳ सर्वं॒ यद्भू॒तं यच्च॒ भा॒व्य॑म्। उ॒तामृ॑त॒त्वस्येशा॑नो॒ यदन्ने॑नाति॒रोह॑ति॥
  • ए॒तावा॑नस्य महि॒मातो॒ ज्यायाꣳ॑श्च॒ पूरु॑षः। पादो॑ऽस्य॒ विश्वा॑ भू॒तानि॑ त्रि॒पाद॑स्या॒मृतं॑ दि॒वि॥
  • त्रि॒पादू॒र्ध्व उदै॒त्पुरु॑षः॒ पादो॑ऽस्ये॒हाभ॑व॒त्पुनः॑। ततो॑ वि॒ष्वङ्व्य॑क्रामत्साशनानश॒ने अ॒भि॥
  • ततो॑ वि॒राडजायत वि॒राजो॒ अधि॒ पूरु॑षः। स जा॒तो अत्य॑रिच्यत प॒श्चाद्भूमि॒मथो॑ पु॒रः॥
  • तस्मा॑द्य॒ज्ञात्स॑र्व॒हुतः॒ सम्भृ॑तं पृषदा॒ज्यम्। प॒शूꣳस्ताꣳश्च॑क्रे वाय॒व्या॑नार॒ण्या ग्राम्या॑श्च॒ ये॥
  • तस्मा॑द्य॒ज्ञात्स॑र्व॒हुत॑ ऋ॒चः सामा॑नि जज्ञिरे। छन्दाꣳ॑सि जज्ञिरे॒ तस्मा॒द्यजु॒स्तस्मा॑दजायत॥
॥ श्रीमते रामनुजाय नमः ॥

विज्ञान विभाग

वैदिक शिक्षा के साथ-साथ सामान्य विज्ञान का आधारभूत ज्ञान विद्यार्थियों को प्रकृति, पर्यावरण एवं जीवन को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने में सक्षम बनाता है। हमारे विभाग में सरल एवं व्यावहारिक विधियों से विज्ञान का शिक्षण कराया जाता है।

विभागीय शिक्षक

श्री राजीव रंजन मिश्र

श्री राजीव रंजन मिश्र

विभागाध्यक्ष – विज्ञान विभाग
विशेषज्ञता: भौतिक एवं रसायन विज्ञान
एम.एससी. (भौतिक विज्ञान), बी.एड.
13+ वर्ष का अनुभव
श्रीमती प्रियंका सिंह

श्रीमती प्रियंका सिंह

सहायक शिक्षिका – विज्ञान विभाग
विशेषज्ञता: जीव विज्ञान एवं पर्यावरण शिक्षा
एम.एससी. (जीव विज्ञान), बी.एड.
7+ वर्ष का अनुभव

शिक्षण की मुख्य विशेषताएँ

भौतिक विज्ञान की मूल अवधारणाएँ

विद्यार्थियों को गति, बल, ऊर्जा, प्रकाश एवं ध्वनि जैसी भौतिक विज्ञान की मूल अवधारणाओं का सरल एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से परिचय कराया जाता है।

रसायन विज्ञान का परिचय

पदार्थ की संरचना, तत्व, यौगिक एवं मिश्रण तथा दैनिक जीवन में होने वाली रासायनिक क्रियाओं की आधारभूत समझ विद्यार्थियों में विकसित की जाती है।

जीव विज्ञान एवं पर्यावरण

मानव शरीर, वनस्पति जगत, पशु जगत तथा पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझाते हुए विद्यार्थियों में प्रकृति एवं जीवन के प्रति जागरूकता उत्पन्न की जाती है।

प्रायोगिक एवं अवलोकन आधारित शिक्षा

सरल प्रयोगों, प्रकृति-अवलोकन एवं व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं जिज्ञासा भाव का विकास किया जाता है।

वर्ष-वार अध्ययन क्रम

प्रथम – द्वितीय वर्षहमारे आस-पास की वस्तुएँ, पौधे एवं जंतु परिचय, पंचतत्व (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) की सामान्य समझ
तृतीय – चतुर्थ वर्षमानव शरीर के अंग एवं कार्य, पदार्थ की अवस्थाएँ, सरल यंत्र एवं दैनिक उपयोग की वैज्ञानिक घटनाएँ
पंचम वर्षबल एवं गति का परिचय, अम्ल-क्षार की सामान्य समझ, पर्यावरण संरक्षण, वेद भूषण मूल्यांकन परीक्षा हेतु तैयारी
षष्ठम – सप्तम वर्ष (वेद विभूषण)ऊर्जा के विभिन्न रूप, तत्व-यौगिक-मिश्रण का विस्तृत अध्ययन, पारिस्थितिकी तंत्र एवं जैव विविधता, सामान्य विज्ञान आधारित व्यावहारिक ज्ञान

कृपया ध्यान दें: विज्ञान विषय की कक्षाएँ वैदिक अध्ययन के साथ निर्धारित समय-सारणी के अनुसार नियमित रूप से संचालित की जाती हैं, ताकि विद्यार्थी वैदिक ज्ञान के साथ-साथ आधुनिक विषयों में भी दक्ष बनें। विस्तृत जानकारी हेतु पाठ्यक्रम विवरणिका पृष्ठ देखें।

"विज्ञानं प्रकृतेः ज्ञानम्" — विज्ञान प्रकृति के रहस्यों को समझने का सुगम मार्ग है, जो वेद में वर्णित सृष्टि-ज्ञान को आधुनिक दृष्टिकोण से पूर्णता प्रदान करता है।