• पुरु॑ष ए॒वेदꣳ सर्वं॒ यद्भू॒तं यच्च॒ भा॒व्य॑म्। उ॒तामृ॑त॒त्वस्येशा॑नो॒ यदन्ने॑नाति॒रोह॑ति॥
  • ए॒तावा॑नस्य महि॒मातो॒ ज्यायाꣳ॑श्च॒ पूरु॑षः। पादो॑ऽस्य॒ विश्वा॑ भू॒तानि॑ त्रि॒पाद॑स्या॒मृतं॑ दि॒वि॥
  • त्रि॒पादू॒र्ध्व उदै॒त्पुरु॑षः॒ पादो॑ऽस्ये॒हाभ॑व॒त्पुनः॑। ततो॑ वि॒ष्वङ्व्य॑क्रामत्साशनानश॒ने अ॒भि॥
  • ततो॑ वि॒राडजायत वि॒राजो॒ अधि॒ पूरु॑षः। स जा॒तो अत्य॑रिच्यत प॒श्चाद्भूमि॒मथो॑ पु॒रः॥
  • तस्मा॑द्य॒ज्ञात्स॑र्व॒हुतः॒ सम्भृ॑तं पृषदा॒ज्यम्। प॒शूꣳस्ताꣳश्च॑क्रे वाय॒व्या॑नार॒ण्या ग्राम्या॑श्च॒ ये॥
  • तस्मा॑द्य॒ज्ञात्स॑र्व॒हुत॑ ऋ॒चः सामा॑नि जज्ञिरे। छन्दाꣳ॑सि जज्ञिरे॒ तस्मा॒द्यजु॒स्तस्मा॑दजायत॥
॥ श्रीमते रामनुजाय नमः ॥

शुल्क संरचना

श्री पद्मवैद्यम् तीर्थ वेद विद्यालय में शिक्षण, छात्रावास, भोजन एवं अन्य सुविधाओं हेतु निर्धारित शुल्क संरचना नीचे दी गई है। पात्र विद्यार्थियों हेतु छात्रवृत्ति की भी व्यवस्था उपलब्ध है।

वेद भूषण (पंचवर्षीय पाठ्यक्रम)

कक्षा 10 के समकक्ष
प्रवेश शुल्क (एकबारीय)₹ 2,100
वार्षिक शिक्षण शुल्क₹ 6,000
छात्रावास शुल्क (वार्षिक)₹ 12,000
भोजन शुल्क (मासिक)₹ 1,500
पुस्तक एवं सामग्री शुल्क (वार्षिक)₹ 1,200
वस्त्र/गणवेश शुल्क (वार्षिक)₹ 1,000

वेद विभूषण (सप्तवर्षीय पाठ्यक्रम)

कक्षा 12 के समकक्ष
प्रवेश शुल्क (एकबारीय)₹ 2,500
वार्षिक शिक्षण शुल्क₹ 7,500
छात्रावास शुल्क (वार्षिक)₹ 14,000
भोजन शुल्क (मासिक)₹ 1,700
पुस्तक एवं सामग्री शुल्क (वार्षिक)₹ 1,500
वस्त्र/गणवेश शुल्क (वार्षिक)₹ 1,200
छात्रावास सुविधा
भोजन व्यवस्था
पुस्तक एवं सामग्री

छात्रवृत्ति एवं शुल्क छूट

  • आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों हेतु शुल्क में विशेष छूट की व्यवस्था है।
  • आय प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने पर छात्रवृत्ति हेतु आवेदन किया जा सकता है।
  • मेधावी विद्यार्थियों को विद्यालय की ओर से प्रोत्साहन छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
  • दानदाताओं एवं ट्रस्ट के सहयोग से निर्धन बटुकों की शिक्षा पूर्णतः निःशुल्क भी की जा सकती है।

भुगतान संबंधी जानकारी

  • समस्त शुल्क वार्षिक अथवा त्रैमासिक किश्तों में जमा किया जा सकता है।
  • शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि सत्र प्रारंभ होने से पूर्व सूचित कर दी जाएगी।
  • एक बार जमा किया गया शुल्क किसी भी परिस्थिति में वापस नहीं किया जाएगा।
  • शुल्क में परिवर्तन का अधिकार विद्यालय प्रबंधन के पास सुरक्षित है।

"विद्या धनम् सर्वधन प्रधानम्" — विद्या ही सबसे बड़ा धन है, और कोई भी विद्यार्थी शुल्क के अभाव में शिक्षा से वंचित न रहे, यही हमारा प्रयास है।