वैदिक शिक्षा के साथ-साथ गणितीय समझ एवं तार्किक चिंतन क्षमता का विकास भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु आवश्यक है। हमारे विभाग में आधुनिक गणित के साथ वैदिक गणित की परंपरा का भी समावेश किया गया है।


विद्यार्थियों को संख्या ज्ञान, जोड़-घटाव-गुणा-भाग जैसी मूल संक्रियाओं तथा दैनिक जीवन में उपयोगी गणनाओं का व्यवस्थित एवं क्रमिक अभ्यास कराया जाता है।
उच्च कक्षाओं में विद्यार्थियों को बीजीय व्यंजक, समीकरण तथा रेखागणित की मूल अवधारणाओं (आकृतियाँ, कोण, क्षेत्रफल) का तार्किक एवं व्यावहारिक अध्ययन कराया जाता है।
दैनिक जीवन में उपयोगी गणनाओं के साथ-साथ वैदिक गणित की त्वरित गणना विधियों का भी परिचय दिया जाता है, जिससे विद्यार्थियों की मानसिक गणना क्षमता तीव्र होती है।
गणितीय पहेलियों, तर्क-आधारित प्रश्नों एवं व्यावहारिक समस्याओं के माध्यम से विद्यार्थियों में विश्लेषणात्मक एवं तार्किक चिंतन क्षमता का विकास किया जाता है।
कृपया ध्यान दें: गणित विषय की कक्षाएँ वैदिक अध्ययन के साथ निर्धारित समय-सारणी के अनुसार नियमित रूप से संचालित की जाती हैं, ताकि विद्यार्थी वैदिक ज्ञान के साथ-साथ आधुनिक विषयों में भी दक्ष बनें। विस्तृत जानकारी हेतु पाठ्यक्रम विवरणिका पृष्ठ देखें।
"गणितं वेदस्य नेत्रम्" — गणित को ज्योतिष के साथ वेद के महत्वपूर्ण सहायक अंगों में गिना जाता है, जो सटीकता एवं तार्किकता सिखाता है।