• पुरु॑ष ए॒वेदꣳ सर्वं॒ यद्भू॒तं यच्च॒ भा॒व्य॑म्। उ॒तामृ॑त॒त्वस्येशा॑नो॒ यदन्ने॑नाति॒रोह॑ति॥
  • ए॒तावा॑नस्य महि॒मातो॒ ज्यायाꣳ॑श्च॒ पूरु॑षः। पादो॑ऽस्य॒ विश्वा॑ भू॒तानि॑ त्रि॒पाद॑स्या॒मृतं॑ दि॒वि॥
  • त्रि॒पादू॒र्ध्व उदै॒त्पुरु॑षः॒ पादो॑ऽस्ये॒हाभ॑व॒त्पुनः॑। ततो॑ वि॒ष्वङ्व्य॑क्रामत्साशनानश॒ने अ॒भि॥
  • ततो॑ वि॒राडजायत वि॒राजो॒ अधि॒ पूरु॑षः। स जा॒तो अत्य॑रिच्यत प॒श्चाद्भूमि॒मथो॑ पु॒रः॥
  • तस्मा॑द्य॒ज्ञात्स॑र्व॒हुतः॒ सम्भृ॑तं पृषदा॒ज्यम्। प॒शूꣳस्ताꣳश्च॑क्रे वाय॒व्या॑नार॒ण्या ग्राम्या॑श्च॒ ये॥
  • तस्मा॑द्य॒ज्ञात्स॑र्व॒हुत॑ ऋ॒चः सामा॑नि जज्ञिरे। छन्दाꣳ॑सि जज्ञिरे॒ तस्मा॒द्यजु॒स्तस्मा॑दजायत॥
॥ श्रीमते रामनुजाय नमः ॥

गणित विभाग

वैदिक शिक्षा के साथ-साथ गणितीय समझ एवं तार्किक चिंतन क्षमता का विकास भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु आवश्यक है। हमारे विभाग में आधुनिक गणित के साथ वैदिक गणित की परंपरा का भी समावेश किया गया है।

विभागीय शिक्षक

श्री महेश चंद्र शुक्ल

श्री महेश चंद्र शुक्ल

विभागाध्यक्ष – गणित विभाग
विशेषज्ञता: बीजगणित एवं ज्यामिति
एम.एससी. (गणित), बी.एड.
11+ वर्ष का अनुभव
श्रीमती नीलम अग्रवाल

श्रीमती नीलम अग्रवाल

सहायक शिक्षिका – गणित विभाग
विशेषज्ञता: वैदिक गणित एवं व्यावहारिक गणना
बी.एससी., बी.एड.
6+ वर्ष का अनुभव

शिक्षण की मुख्य विशेषताएँ

अंकगणित एवं मूल संक्रियाएँ

विद्यार्थियों को संख्या ज्ञान, जोड़-घटाव-गुणा-भाग जैसी मूल संक्रियाओं तथा दैनिक जीवन में उपयोगी गणनाओं का व्यवस्थित एवं क्रमिक अभ्यास कराया जाता है।

बीजगणित एवं ज्यामिति

उच्च कक्षाओं में विद्यार्थियों को बीजीय व्यंजक, समीकरण तथा रेखागणित की मूल अवधारणाओं (आकृतियाँ, कोण, क्षेत्रफल) का तार्किक एवं व्यावहारिक अध्ययन कराया जाता है।

व्यावहारिक गणित एवं वैदिक गणित

दैनिक जीवन में उपयोगी गणनाओं के साथ-साथ वैदिक गणित की त्वरित गणना विधियों का भी परिचय दिया जाता है, जिससे विद्यार्थियों की मानसिक गणना क्षमता तीव्र होती है।

तार्किक चिंतन एवं समस्या समाधान

गणितीय पहेलियों, तर्क-आधारित प्रश्नों एवं व्यावहारिक समस्याओं के माध्यम से विद्यार्थियों में विश्लेषणात्मक एवं तार्किक चिंतन क्षमता का विकास किया जाता है।

वर्ष-वार अध्ययन क्रम

प्रथम – द्वितीय वर्षगिनती, अंक ज्ञान, जोड़-घटाव का अभ्यास, सरल पहाड़े एवं मूल गुणा-भाग
तृतीय – चतुर्थ वर्षभिन्न एवं दशमलव, प्रतिशत का परिचय, मूल ज्यामितीय आकृतियाँ, सरल बीजगणितीय व्यंजक
पंचम वर्षसमीकरण एवं सूत्रों का अभ्यास, क्षेत्रफल एवं परिमाप की गणना, वेद भूषण मूल्यांकन परीक्षा हेतु तैयारी
षष्ठम – सप्तम वर्ष (वेद विभूषण)उच्चस्तरीय बीजगणित एवं ज्यामिति, वैदिक गणित की त्वरित गणना विधियाँ, व्यावहारिक गणित एवं सामान्य ज्ञान आधारित गणितीय समस्याओं का समाधान

कृपया ध्यान दें: गणित विषय की कक्षाएँ वैदिक अध्ययन के साथ निर्धारित समय-सारणी के अनुसार नियमित रूप से संचालित की जाती हैं, ताकि विद्यार्थी वैदिक ज्ञान के साथ-साथ आधुनिक विषयों में भी दक्ष बनें। विस्तृत जानकारी हेतु पाठ्यक्रम विवरणिका पृष्ठ देखें।

"गणितं वेदस्य नेत्रम्" — गणित को ज्योतिष के साथ वेद के महत्वपूर्ण सहायक अंगों में गिना जाता है, जो सटीकता एवं तार्किकता सिखाता है।