• पुरु॑ष ए॒वेदꣳ सर्वं॒ यद्भू॒तं यच्च॒ भा॒व्य॑म्। उ॒तामृ॑त॒त्वस्येशा॑नो॒ यदन्ने॑नाति॒रोह॑ति॥
  • ए॒तावा॑नस्य महि॒मातो॒ ज्यायाꣳ॑श्च॒ पूरु॑षः। पादो॑ऽस्य॒ विश्वा॑ भू॒तानि॑ त्रि॒पाद॑स्या॒मृतं॑ दि॒वि॥
  • त्रि॒पादू॒र्ध्व उदै॒त्पुरु॑षः॒ पादो॑ऽस्ये॒हाभ॑व॒त्पुनः॑। ततो॑ वि॒ष्वङ्व्य॑क्रामत्साशनानश॒ने अ॒भि॥
  • ततो॑ वि॒राडजायत वि॒राजो॒ अधि॒ पूरु॑षः। स जा॒तो अत्य॑रिच्यत प॒श्चाद्भूमि॒मथो॑ पु॒रः॥
  • तस्मा॑द्य॒ज्ञात्स॑र्व॒हुतः॒ सम्भृ॑तं पृषदा॒ज्यम्। प॒शूꣳस्ताꣳश्च॑क्रे वाय॒व्या॑नार॒ण्या ग्राम्या॑श्च॒ ये॥
  • तस्मा॑द्य॒ज्ञात्स॑र्व॒हुत॑ ऋ॒चः सामा॑नि जज्ञिरे। छन्दाꣳ॑सि जज्ञिरे॒ तस्मा॒द्यजु॒स्तस्मा॑दजायत॥
॥ श्रीमते रामनुजाय नमः ॥

पुस्तकालय सुविधा

हमारा पुस्तकालय वैदिक ग्रंथों, संस्कृत साहित्य एवं आधुनिक ज्ञान के समन्वय का केंद्र है, जो विद्यार्थियों के स्वाध्याय एवं शोध कार्य में सहायक है।

विद्यालय पुस्तकालय
वैदिक ज्ञान का भंडार
500+वैदिक एवं शास्त्रीय ग्रंथ
300+संस्कृत साहित्य पुस्तकें
400+आधुनिक विषय पुस्तकें
50+पत्रिकाएँ एवं संदर्भ सामग्री

पुस्तकालय की विशेषताएँ

वैदिक ग्रंथों का विशाल संग्रह

ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद एवं अथर्ववेद सहित संहिता, ब्राह्मण, आरण्यक एवं उपनिषदों की मूल एवं भाष्य सहित प्रतियाँ उपलब्ध हैं।

संस्कृत साहित्य एवं व्याकरण ग्रंथ

पाणिनी व्याकरण, निरुक्त, छंदशास्त्र, ज्योतिष एवं धर्मशास्त्र से संबंधित संदर्भ पुस्तकों का समृद्ध संग्रह।

आधुनिक विषयों की पुस्तकें

हिंदी, अंग्रेज़ी, गणित, विज्ञान एवं सामाजिक अध्ययन से संबंधित पाठ्यपुस्तकें एवं सामान्य ज्ञान की पुस्तकें भी उपलब्ध हैं।

डिजिटल एवं ई-कंटेंट सुविधा

वैदिक शोध सामग्री एवं ई-पुस्तकों के अध्ययन हेतु कंप्यूटर एवं डिजिटल संसाधनों की सीमित सुविधा उपलब्ध है।

शांत एवं अनुकूल वाचन कक्ष

स्वाध्याय एवं गहन अध्ययन हेतु शांत, प्रकाशयुक्त एवं आरामदायक वाचन कक्ष की व्यवस्था की गई है।

नियमित संग्रह विस्तार

दानदाताओं एवं सहयोगी संस्थाओं के सहयोग से पुस्तकालय के संग्रह में नियमित रूप से नई पुस्तकें जोड़ी जाती हैं।

पुस्तकालय समय-सारणी

सोमवार – शनिवारप्रातः 8:00 – सांय 6:00
स्वाध्याय अवधि (छात्रावास)रात्रि 8:00 – 9:30
रविवार एवं अवकाश दिवसप्रातः 9:00 – दोपहर 1:00

पुस्तकालय नियम

  • पुस्तकालय में शांति एवं अनुशासन बनाए रखना अनिवार्य है।
  • पुस्तकें केवल पुस्तकालय प्रभारी के माध्यम से निर्धारित अवधि हेतु जारी की जाएंगी।
  • पुस्तकों को क्षति पहुँचाने अथवा समय पर वापस न करने पर नियमानुसार शुल्क लिया जा सकता है।
  • वैदिक ग्रंथों एवं दुर्लभ पांडुलिपियों का उपयोग केवल पुस्तकालय परिसर में ही करने की अनुमति है।

कृपया ध्यान दें: पुस्तकालय संग्रह एवं समय-सारणी में समय-समय पर परिवर्तन हो सकता है। विशेष पुस्तक अथवा शोध सामग्री हेतु कृपया पुस्तकालय प्रभारी अथवा विद्यालय कार्यालय से संपर्क करें।

"पुस्तकं ज्ञानस्य भांडागारम्" — पुस्तकें ज्ञान का भंडार हैं, और स्वाध्याय ही सच्चे विद्यार्थी की पहचान है।