श्री पद्मवैद्यम् तीर्थ वेद विद्यालय में विद्यार्थियों को ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद एवं अथर्ववेद सहित वैदिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक विषयों का भी संतुलित समन्वय कराया जाता है।
वेद भूषण पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को वेदों की आधारभूत शिक्षा, शुद्ध एवं सस्वर उच्चारण तथा मूल मंत्रोच्चारण का व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जाता है। यह प्रमाण-पत्र महर्षि सान्दीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान, उज्जैन द्वारा मान्यता प्राप्त है।
वेद विभूषण पाठ्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थी को एक वेद की एक शाखा में पूर्ण रूप से पारंगत बनाना है। इस पाठ्यक्रम में प्रत्येक विद्यार्थी की शिक्षण अवधि सात वर्ष निर्धारित है तथा यह गहन एवं अनुशासित अध्ययन पर आधारित है।
स्तुतियों एवं मंत्रों का सबसे प्राचीन संग्रह, देवताओं की स्तुति पर आधारित।
यज्ञ-कर्मकांड एवं अनुष्ठान विधियों से संबंधित मंत्रों का संग्रह।
संगीतमय सस्वर गान एवं स्तुतियों की समृद्ध परंपरा पर आधारित।
दैनिक जीवन, चिकित्सा एवं लौकिक ज्ञान से संबंधित मंत्रों का संग्रह।
"वेद-विद्या के प्रकाश से नई पीढ़ी को संस्कारित करते हुए सनातन संस्कृति की अखंड ज्योति सदैव प्रज्वलित रहे।"