• पुरु॑ष ए॒वेदꣳ सर्वं॒ यद्भू॒तं यच्च॒ भा॒व्य॑म्। उ॒तामृ॑त॒त्वस्येशा॑नो॒ यदन्ने॑नाति॒रोह॑ति॥
  • ए॒तावा॑नस्य महि॒मातो॒ ज्यायाꣳ॑श्च॒ पूरु॑षः। पादो॑ऽस्य॒ विश्वा॑ भू॒तानि॑ त्रि॒पाद॑स्या॒मृतं॑ दि॒वि॥
  • त्रि॒पादू॒र्ध्व उदै॒त्पुरु॑षः॒ पादो॑ऽस्ये॒हाभ॑व॒त्पुनः॑। ततो॑ वि॒ष्वङ्व्य॑क्रामत्साशनानश॒ने अ॒भि॥
  • ततो॑ वि॒राडजायत वि॒राजो॒ अधि॒ पूरु॑षः। स जा॒तो अत्य॑रिच्यत प॒श्चाद्भूमि॒मथो॑ पु॒रः॥
  • तस्मा॑द्य॒ज्ञात्स॑र्व॒हुतः॒ सम्भृ॑तं पृषदा॒ज्यम्। प॒शूꣳस्ताꣳश्च॑क्रे वाय॒व्या॑नार॒ण्या ग्राम्या॑श्च॒ ये॥
  • तस्मा॑द्य॒ज्ञात्स॑र्व॒हुत॑ ऋ॒चः सामा॑नि जज्ञिरे। छन्दाꣳ॑सि जज्ञिरे॒ तस्मा॒द्यजु॒स्तस्मा॑दजायत॥
॥ श्रीमते रामनुजाय नमः ॥

पाठ्यक्रम विवरणिका

वेद भूषण एवं वेद विभूषण पाठ्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष पढ़ाए जाने वाले विषयों एवं अध्ययन सामग्री का विस्तृत विवरण नीचे दिया गया है।

वेद भूषण पाठ्यक्रम

पंचवर्षीय (कक्षा 10 के समकक्ष)
  • संस्कृत वर्णमाला एवं शुद्ध उच्चारण अभ्यास
  • वेद मंत्रों का प्रारंभिक स्वराघात अभ्यास
  • संध्या वंदन एवं दैनिक स्तोत्र पाठ
  • मूल संस्कृत व्याकरण (शब्द रूप, धातु रूप)

वेद विभूषण पाठ्यक्रम

सप्तवर्षीय (कक्षा 12 के समकक्ष)
  • चयनित वेद शाखा की संहिता का गहन अध्ययन प्रारंभ
  • क्रम पाठ की पुनरावृत्ति एवं सुदृढ़ीकरण
  • वैदिक व्याकरण – उच्चस्तरीय प्रकरण
  • संस्कृत साहित्य का परिचय

प्रत्येक वर्ष के अंत में आंतरिक मूल्यांकन एवं वार्षिक परीक्षा के आधार पर अगली कक्षा में प्रवेश दिया जाता है।

पाठ्यक्रम की समाप्ति पर महर्षि सान्दीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान, उज्जैन द्वारा मान्यता प्राप्त प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाता है।

कृपया ध्यान दें: उपरोक्त पाठ्यक्रम विवरणिका सामान्य वैदिक शिक्षा पद्धति के अनुसार दी गई है। विस्तृत एवं अद्यतन पाठ्यक्रम की जानकारी हेतु कृपया विद्यालय कार्यालय अथवा संबंधित आचार्य से संपर्क करें।