वैदिक अध्ययन के साथ-साथ शारीरिक स्वास्थ्य एवं खेल भावना का विकास भी उतना ही महत्वपूर्ण है। हमारे विद्यालय का खेल का मैदान बटुकों के सर्वांगीण विकास का एक अभिन्न हिस्सा है।

विद्यालय परिसर में एक विस्तृत एवं सुरक्षित खुला मैदान उपलब्ध है, जहाँ विद्यार्थी विभिन्न खेलों का अभ्यास कर सकते हैं।
कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, बैडमिंटन एवं क्रिकेट जैसे खेलों हेतु आवश्यक सामग्री एवं स्थान उपलब्ध कराया गया है।
प्रातःकालीन योगाभ्यास एवं शारीरिक व्यायाम हेतु मैदान में एक अलग निर्धारित क्षेत्र रखा गया है।
शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षक की देखरेख में विद्यार्थियों को खेलकूद एवं व्यायाम का व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जाता है।
मैदान में खेलते समय विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं देखभाल हेतु आचार्यों एवं सेवकों द्वारा निरंतर निगरानी रखी जाती है।
जिला एवं संभाग स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं हेतु विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है।
कृपया ध्यान दें: खेल-कूद अवधि के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा हेतु विद्यालय के नियमों का पालन अनिवार्य है। किसी चोट अथवा स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में तुरंत विद्यालय स्टाफ को सूचित करें।
"शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्" — शरीर ही धर्म साधना का प्रथम साधन है; स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है।