वैदिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय इतिहास, संस्कृति, भूगोल एवं नागरिक कर्तव्यों की समझ विद्यार्थियों को एक जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनाने में सहायक है। हमारे विभाग में इन विषयों का सरल एवं रोचक ढंग से शिक्षण कराया जाता है।


प्राचीन, मध्यकालीन एवं आधुनिक भारतीय इतिहास तथा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर एवं स्वतंत्रता संग्राम की गाथाओं का अध्ययन विद्यार्थियों में राष्ट्रीय गौरव की भावना विकसित करता है।
भारतीय संविधान, लोकतंत्र, मौलिक अधिकार-कर्तव्य तथा शासन व्यवस्था की मूल संरचना का परिचय विद्यार्थियों को जिम्मेदार एवं जागरूक नागरिक बनने हेतु प्रेरित करता है।
भारत एवं विश्व का भौगोलिक परिचय, प्राकृतिक संसाधन, जलवायु एवं पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझाते हुए विद्यार्थियों में भौगोलिक जागरूकता का विकास किया जाता है।
समाज की संरचना, सामाजिक समस्याओं एवं भारतीय समाज में गुरु-शिष्य परंपरा, संयुक्त परिवार जैसे मूल्यों के महत्व पर चर्चा के माध्यम से विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित की जाती है।
कृपया ध्यान दें: सामाजिक अध्ययन विषय की कक्षाएँ वैदिक अध्ययन के साथ निर्धारित समय-सारणी के अनुसार नियमित रूप से संचालित की जाती हैं, ताकि विद्यार्थी वैदिक ज्ञान के साथ-साथ आधुनिक विषयों में भी दक्ष बनें। विस्तृत जानकारी हेतु पाठ्यक्रम विवरणिका पृष्ठ देखें।
"वसुधैव कुटुम्बकम्" — संपूर्ण पृथ्वी ही एक परिवार है। यह भारतीय दृष्टिकोण सामाजिक अध्ययन की सबसे बड़ी सीख है।